वैदिक काल (1500ई.पू.-600 ई.पू.)
●पूर्व वैदिक संस्कृति को ऋग्वैदिक संस्कृति भी कहा जाता है जिसका काल 1500ई. पू. से 1000 ई. पू. है।
●उत्तर वैदिक संस्कृति का काल.1000 ई.पू. से 600 ई. पू. है।
●चारों वेदों ऋग्वेद, ,यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद में सबसे प्राचीन वेद है - ऋग्वेद
●आर्य शब्द का अर्थ है श्रेष्ठ या कुलीन
●पुराणों की संख्या है -18
●ऋग्वेद , यजुर्वेद और सामवेद को संयुक्त रूप से "त्रयी" या " वेदत्रयी" कहा जाता है।
●शुल्व सूत्र वैदिक गणित का महत्वपूर्ण अंग है
●वैदिक काल मे लिखे ग्रन्थों का सही क्रम है - वेद, ब्राह्मण, आरण्यक और उपनिषद
●सत्यमेव जयते मुण्डकोपनिषद से लिया गया है
●प्रथम विधि निर्माता मनु हैं
●कृष्ण भक्ति का महान ग्रन्थ है - श्रीमद्भागवत गीता
●ऋग्वेद में सम्पत्ति का प्रमुख रूप "गोधन" है
●उत्तरवैदिक काल के वेद विरोधी और ब्राह्मण विरोधी अध्यापकों को श्रमण कहा जाता था
●ऋग्वैदिक आर्यों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन था
●भारतीय संगीत का आदिग्रंथ है - सामवेद
●ऋग्वेद के 10वें मण्डल में शूद्रों का उल्लेख मिलता है
●ऋग्वेद में 'पुरन्दर' शब्द का उपयोग इन्द्र के लिए किया गया है
●आर्य सर्वप्रथम भारत आकर पंजाब में बसे थे
●' असतो मा सद्गमय' ऋग्वेद से लिया गया है
●वेदों को अपौरुषेय कहा जाता है क्योंकि वेदों की रचना देवताओं द्वारा की गई है
●प्रतिपादक:
वैशेषिक दर्शन- उलूक कणाद
मीमांसा या पूर्व मीमांसा- जैमिनी
वेदांत या उत्तर मीमांसा- वादरायण
योग दर्शन-पतंजलि
सांख्य दर्शन- कपिल मुनि
अष्टाध्यायी- पाणिनि
●मनुस्मृति मुख्यतया समाज व्यवस्था से सम्बंधित है
●गायत्री मंत्र की रचना विश्वामित्र ने की
●एकसमान कहे जाने वाले ऋग्वेद और अवेस्ता में अवेस्ता ईरान से सम्बन्धित है
●आर्यों के आर्कटिक होम सिद्धांत का पक्ष लेने वाले विद्वान - बाल गंगाधर तिलक
●विवाह:
1) ब्रह्म विवाह - समान वर्ण या जाति का विवाह
2) दैव विवाह- पुरोहित का पारिश्रमिक में मिली कन्या से विवाह
3)आर्ष विवाह- कन्या मूल्य के रूप में एक जोडी गाय व बैल चुकाकर किया गया विवाह
4)प्रजापत्य विवाह- बिना दहेज विवाह
5)गन्धर्व विवाह- प्रेम विवाह
6)असुर विवाह- कन्या को खरीदकर किया गया विवाह
7)राक्षस विवाह- पराजित राजा की कन्या या अपहृत कन्या के साथ विवाह
8)पैशाच विवाह- सोई हुई कन्या या मानसिक रूप से विक्षिप्त कन्या के साथ किया गया विवाह
अनुलोम विवाह- जब उच्च वर्ण का पुरुष निम्न वर्ण की कन्या के साथ विवाह करे
प्रतिलोम विवाह- जब उच्च वर्ण की नारी निम्न वर्ण के पुरुष से विवाह करे
●तीन ऋण हैं - देव ऋण, पितृ ऋण व ऋषि ऋण
●उत्तर वैदिक काल से सम्बंधित मृदभांड संस्कृति है - चित्रित धूसर मृदभांड (PGW) संस्कृति
●ऋग्वैदिक काल से सम्बन्धित मृदभांड संस्कृति है- गेरुवर्णी मृदभांड (OCP) संस्कृति
●वैदिक समाज की आधारभूत इकाई कुल या कुटुम्ब थी
●ऋग्वेद में सबसे पवित्र नदी "सरस्वती" को माना गया है
●रामायण को आदिकाव्य की संज्ञा दी जाती है
●"आर्य" शब्द नृजाति समूह को इंगित करता है
●सभा और समिति प्रजापति की दो पुत्रियां थी जिसका उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है
●शतपथ ब्राह्मण, ब्राह्मण ग्रन्थों में सर्वश्रेष्ठ है
●वैदिक काल में चावल के लिए "व्रीहि" शब्द का प्रयोग हुआ है
●जादू टोने का उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है
●संस्कार 16 होते हैं
●मत्स्य पुराण सबसे प्राचीन पुराण है
●मैत्रायणी संहिता में नारी , सुरा और पांसा तीन प्रमुख बुराइयों का उल्लेख मिलता है
●यज्ञ:
राजसूय यज्ञ- राजा के सिंहासनगत होने से सम्बंधित है
अश्वमेध यज्ञ- राजनीति शक्ति बढाने हेतु किया जाने वाला यज्ञ
बाजपेय यज्ञ- मनोरंजन और शौर्य प्रदर्शन हेतु
अग्निष्टोम यज्ञ- इसमें देवताओं को प्रसन्न करने पशुबलि दी जाती है और शराब का सेवन किया जाता है
●विवाह सूक्त का उल्लेख ऋग्वेद में है
●प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने वाले देवता वरुण को वैदिक काल में "ऋतस्य गोप" कहा गया है। वरुण को जल या समुद्र का देवता भी कहते थे
●प्रकृति पूजा और यज्ञ , पूर्व वैदिक आर्यों का प्रमुख धर्म था
●ऋग्वेद में 1028 सूक्त हैं
●विवाह के देवता को पूषन्,पशुओं के देवता को रुद्र, जगत के पिता को द्यौस और देवताओं की महान माता को अदिति कहते थे
●ऋग्वेद में गाय के "अघन्य" (वध योग्य नहीं) माना गया है
●उत्तर वैदिक काल में देवता "प्रजापति" को सर्वोच्च स्थान प्राप्त था
●गोत्र व्यवस्था का प्रचलन उत्तर वैदिक काल से प्रारंभ हुआ
●यजुर्वेद गद्य और पद्य दोनों में है
●आर्य सम्भवतः मध्य एशिया से भारत में आए
●जहाँ ऋग्वेद ईश्वर की महिमा से सम्बंधित है वहीं यजुर्वेद बलिदान विधि, सामवेद संगीत से और अथर्ववेद औषधियों से सम्बंधित है
● कर्म का सिद्धांत मीमांसा से सम्बंधित है
●वैदिकयुगीन "सभा" एक मंत्रिपरिषद थी
●न्याय दर्शन को गौतम द्वारा प्रचारित किया गया
●उपनिषद दर्शन पर आधारित पुस्तकें हैं
●धर्मशास्त्र के काल में ही "अछूत" की अवधारणा खुलकर सामने आई
●धर्मशास्त्र में भूराजस्व की दर 1/6 है
●आध्यात्मिक ज्ञान के सम्बंध में नचिकेता और यम का संवाद कठोपनिषद से सम्बन्धित है
●भारत के अतरंजीखेड़ा की खुदाई से लौह धातु के प्रचलन का प्राचीनतम प्रमाण मिलता है
●सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा एवं वेदांत इन 6 भिन्न भारतीय दर्शनों की उत्पत्ति वैदिक काल में ही हुई
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