हिन्दी लेखक और रचनाओं के नाम
भारतेंदु हरिश्चंद्र:
भारत जननी, वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, सत्य हरिश्चंद्र, श्री चन्द्रवली नाटिका, विषस्य विषमौषधम्, भारत दुर्दशा, नील देवी, अंधेर नगरी, सती प्रताप, प्रेम जोगिनी, भक्त सर्वस्व, प्रेम मिलाप, प्रेम माधुरी, प्रेम तरंग, राग संग्रह, वर्षा विनोद, विनय प्रेम पचासा, प्रेम फुलवारी, तन्मय लीला।
भारतेंदु हरिश्चंद्र के यात्रा वृतांत:
हरिद्वार की यात्रा, वैद्यनाथ क यात्रा, सरयूपार की यात्रा,
मेरी लखनऊ यात्रा।
मुंशी प्रेमचंद:
गोदान, रंगभूमि,सेवासदन, प्रेमाश्रम,कायाकल्प, निर्मला, गबन,कर्मभूमि , मंगलसूत्र (अपूर्ण), पंच परमेश्वर, बूढी काकी, मंत्र, सवा सेर गेहूँ, शतरंज के खिलाड़ी, बडे भाईसाहब, आत्माराम, गृहत्याग, सुजान, भगत,माता का मन्दिर, ठाकुर का कुआं, लाटरी, पूस की रात, नमक का दरोगा, कफन।
तुलसीदास:
रामचरितमानस, कवितावली, रामललानहछू, गीतावली, करखा रामायण, हनुमान चालीसा, वैराग्य संदीपनी, बरवै रामायण, विनय पत्रिका, पार्वती मंगल, जानकी मंगल, दोहावली।
जयशंकर प्रसाद:
विशाख, अजातशत्रु, राज्यश्री, स्कन्दगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, जनमेजय का नाग यज्ञ, आकाशदीप, पुरस्कार, ममता, आंधी, देवरथ,बेडी,प्रतिध्वनि, सालवती, मधुवा इन्द्रजाल, कंकाल, तितली, इरावती (अपूर्ण),कानन,कुसुम,झरना, आँसू,लहर,कामायनी, प्रेम पथिक, महाराणा का महत्व।
महादेवी वर्मा:
नीहार, दीपशिखा, रश्मि,नीरजा, सप्तपर्णा,सांध्य गीत,अग्नि रेखा, अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएं, पथ के साथी, यामा
धर्मवीर भारती:
अन्धा युग, गुलकीबन्नो सावित्री नं. 2, बन्द गली का आखिरी मकान, चांद और टूटे हुए लोग, गुनाहों का देवता, सूरज का सातवां घोडा, ठेले पर हिमाचल।
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला:
जूही की कली, अनामिका, परिमल,गीतिका, राम की शक्तिपूजा, कुल्ली भाट, बिल्लेपुर यकरिहा,अप्सरा, अलका, निरुपमा, प्रभावती,काले कारनामे, सरोज स्मृति।
मोहन राकेश:
आषाढ़ का एक दिन,लहरों के राजहंस, आधे अधूरे, मलबे का आदमी, एक और जिन्दगी, आर्द्रा, फौलाद का आकाश, जानवर और जानवर, मिस पाल, अंधेरे बन्द कमरे, न आने वाला कल,अन्तराल, आखिरी चट्टान तक।
हरिवंशराय बच्चन:
तेरा हार,मधुबाला, मधुशाला, मधु कलश,आत्म परिचय, निशा निमंत्रण, हलाहल,आकुल अंतर, मिलन यामिनी, नए पुराने झरोखे,क्या भूलूँ क्या याद करूँ, नीड का निर्माण फिर, बसेरे से दूर,प्रवास की डायरी, दशद्वार से सोपान तक,कवियों में सौम्य संत
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" :
विपथगा,कडियां, अमर वल्लरी,खितीन बाबू, रोज, रेल की सीटी, हरसिंगार, शरणार्थी,मैना, सिगनेलर, गैंगरीन, पठार का धीरज, हजामत का साबुन, शेखर एक जीवनी, नदी के द्वीप,अपने अपने अजनबी, एक बूंद सहसा दछला, अरे यायावर रहेगा याद, बहता पानी निर्मल, कितनी नावों में कितनी बार।
राहुल सांकृत्यायन:
मेरी लद्दाख यात्रा, मेरी तिब्बत यात्रा, मेरी यूरोप यात्रा यात्रा के पन्ने, घुमक्कड़ शास्त्र, रूस में पच्चीस मास,एशिया के दुर्लभ भूखंडों में, वोल्गा से गंगा।
जैनेन्द्र:
जाह्नवी, पत्नी, मास्टर साहब, परख एक रात,ध्रुव यात्रा, ग्रामोफोन का रिकार्ड, पानवाला, अपना अपना भाग्य, पाजेब,एक दिन, नीलम देश की राजकन्या, वातायन,परख,सुनीता, त्यागपत्र, कल्याणी,सुखदा,विवर्त,व्यतीत ।
रामधारी सिंह "दिनकर" :
प्रणभंग,रेणुका, हुंकार, रसवंती, कुरुक्षेत्र, सामधेनी, बापू, रश्मिरथी, सीपी और शेख , लोकदेव नेहरू, ऊर्वशी
चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी' :
उसने कहा था, बुद्ध का कांटा, सुखमय जीवन
गोपालदास नीरज:
संघर्ष, अंतर्ध्वनि, विभावरी, प्राणगीत, दर्द दिया है, नीरज की पाती।
हरिशंकर परसाई:
हँसते हैं रोते हैं, तब की बात और थी, भूत के पांव पीछे, जैसे उनके दिन फिरे, सुनो भाई साधो, ठिठुरता हुआ गणतंत्र, तिरछी रेखाएं, रानी नागमती की कहानी
हरिकृष्ण" प्रेमी" :
रक्षाबंधन, शिव साधना, प्रतिशोध, स्वप्नभंग, आहुति, विषपान, उद्धार, शपथ, विजय स्तम्भ, कीर्ति स्तम्भ, संरक्षक, विदा, आन का मान, संवत् प्रवर्तन, अमृत पुत्री, छायाबन्धन।
लक्ष्मीनारायण मिश्र:
सन्यासी, राक्षस का मन्दिर, मुक्ति का रहस्य, राजयोग, सिन्दूर की होली, आधी रात गरुडध्वज, वत्सराज, दशाश्वमेध, वितस्ता की लहरें।
गोविंद वल्लभ पन्त:
अंगूर की बेटी, सिन्दूर की बिन्दी, राजमुकुट, अंतःपुर का छिद्र।
विष्णु प्रभाकर:
समाधि, डाक्टर, युगे युगे क्रांति, टूटते परिवेश, अर्द्धनारीश्वर, तट के बन्धन, निशिकांत, आवारा मसीहा,
वृन्दावन लाल वर्मा:
फूलों की बोली, पूर्व की ओर, बीरबल, ललित विक्रम, राखी की लाज,सगुन, नीलकंठ, केवल, गढ कुण्ठार,विराटा की पद्मिनी, झांसी की रानी, मृगनयनी, टूटे कांटे, माधवजी सिंधिया, संगम,लगन,प्रत्यागत।
सूरदास:
सूरसागर, सूर सारावली, साहित्य लहरी।
फणीश्वरनाथ रेणु:
मैला आंचल,परती परिकथा, जुलूस, दीर्घतपा,कितने चौराहे, कलंकमुक्ति।
भगवती चरण वर्मा:
मधुकरण, प्रेम संगीत, मानव
हजारीप्रसाद द्ववेदी:
बाणभट्ट की आत्मकथा, चारु चन्द्रलेख, पुनर्नवा, अनामदास का पोथा।
मैथिलीशरण गुप्त:
साकेत, जयद्रथ वध, भारत भारती, पंचवटी, यशोधरा, द्वापर।
सुमित्रानंदन पंत:
ग्रन्थि, गुंजन, ग्राम्या, युगांत,स्वर्णकिरण,स्वर्णधूलि, लोकायतन, चिदंबरा।
सुभद्राकुमारी चौहान:
मुकुल, त्रिधारा, प्रसिद्ध पंक्तियाँ, ।
माखनलाल चतुर्वेदी:
हिमकिरीटनी, हिम तरंगिणी, युग चरण, समर्पण, मरण ज्वार, वेणु ले गूंजे धरा।
शिवमंगल सिंह 'सुमन' :
हिल्लोल, जीवन.के गान, युग के मोल, प्रलय सृजन, मिट्टी की बारात।
यशपाल:
सिंहावलोकन, पार्टी कामरेड, दादा कामरेड, देशद्रोही, मनुष्य के रूप, दिव्या, झूठा सच, तेरी मेरी और उसकी बात, परदा, आदमी और खच्चर, मक्रील, फूलों का कुर्ता, पिंजरे की उडान, उत्तमी की माँ, अभिशप्त, सच बोलने का भूत।
रामवृक्ष बेनीपुरी:
लाल तारा, माटी की मूरतें, गेहूँ और गुलाब, मील के पत्थर, मुझे याद है, पैरों में पंख बांधकर, हवा पर, पेरिस नहीं भूलती।
नागार्जुन:
वरुण के बेटे, रतिनाथ की चाची, दुखमोचन, बाबा बटेसरनाथ, बलचनमा।
अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' :
प्रिय प्रवास, वैदेही वनवास, पारिजात, रसकलश, चुभते चौपदे, ठेठ हिन्दी का ठाठ, अधखिला फूल, रुक्मिणी परिचय।
मन्नू भंडारी:
यही सच है, बन्द दरवाजों के साथ, त्रिशंकु, मै हार गई, महाभोज, आपका बंटी।
जगदीश चंद्र माथुर:
कोणार्क, शारदीया,पहला राजा, दशरथनंदन।
उपेन्द्रनाथ 'अश्क':
स्वर्ग की झलक, छठा बेटा, अलग अलग रास्ते, अंजो दीदी, अंधी गली, कैद, उडान, जय पराजय, मेरा दोस्त मेरा दुश्मन, ज्यादा अपनी कम पराई, रेखाएं और चित्र।
रहीमदास:
रहीम दोहावली, बरवै, नायिका भेद, मदनाष्टक, रास पंचाध्यायी, नगर शोभा।
मीराबाई:
नरसी का मायरा, गीत गोविंद का टीका, राग गोविंद, राग सोरठा का पद।
बिहारी:
बिहारी सतसई।
भूषण:
शिवराजभूषण, शिवाबावनी, छत्रसाल दशक, भूषण उल्लास, भूषण हजारा, दूषनोल्लास
घनानंद:
सुजान हित, इश्क लता, वियोगबेलि, प्रेम पत्रिका, प्रेम सरोवर, गोकुल गीत, स्फुट पदावली।
जगन्नाथ दास रत्नाकर:
गंगावतरण, हरिश्चंद्र, उद्धवशतक, हंडोला, विष्णुलहरी, गंगा लहरी।
केशव:
रसिक प्रिया, कवि प्रिया, नखशिख, छन्दमाला, रामचन्द्रिका, वीरसिंह देवचरित, रतनबनी, विज्ञानगीता, जहांगीर जसचंद्रिका।
कबीरदास:
बीजक - साखी, सबद, रमैनी
रसखान: प्रेम वाटिका, सुजान रसखान।
देवकीनंदन खत्री:
चन्द्रकान्ता, चन्द्रकान्ता संतति, काजर की कोठरी, भूतनाथ, कुसुम कुमारी, नरेन्द्र मोहिनी, वीरेंद्र वीर।
बालकृष्ण भट्ट:
रहस्य कथा, नूतन ब्रह्मचारी, एक अजान सौ सुजान।
अमरकांत:
जिन्दगी और जोंक, बहादुर।
भीष्म साहनी:
तमस, बसन्ती, कुन्ती, भाग्यरेखा, कडियां, झरोखे, मय्यादास की माडी।
श्रीलाल शुक्ल:
अंगद का पांव, उमराव नगर में कुछ दिन, मेरी श्रेष्ठ व्यंग्य रचनाएं, यहां-वहां।
कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' :
भूले हुए चेहरे, दीप जले शंख बजे, माटी हो गई सोना।
रांगेय राघव:
कब तक पुकारूँ, मुर्दों का टीला, चीवर, राह न रुकी, अंधेरे के जुगनू, घरौंदे, विषाद मठ, हुजूम काका, प्रोफेसर, डाक्टर, आखिरी आवाज, बन्दूक और बीन, छोटी सी बात, तूफानों के बीच।
बोधा:
इश्कनामा, विरहवारीश।

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